Xkq: lkfgc ¼ dsoy jkXkeà çdkfÓRk ÁOkkTk- foÓsÔ ½ fYk[k dj Ckrk jgs gS fd bl Js.h foÓsÔ dh ÁRek d¨ d¨Ã cMs gh fodjky RkFkk Hk;kud <aXk foÓsÔ ls Cky¨ }kjk idM dj ?kLkhV ds ys Tkrk g® rFkk lnk ds fy;s ?k©j rMikus okys foÓsÔ egku&„ ud¨Z foÓsÔ¨ eas nQu foÓsÔ dj nsRkk g®…..! ¼galk Áneh Ck/ks Tkeiqj Tkk;s…..!½

ÃykTk %& Kku dk c/kk eu jgs&Xkqj¼ dsoy jkXkeà çdkfÓRk ÁOkkTk- foÓsÔ ½fcUk Kku Uk g¨;s & vFkkZr eu }kjk çR;Õ fd;s Xk;s y¨Hk& LokFkZ rFkk Lokn¨a foÓsÔ¨ ls Ckpus gsrq KkUk d¨ v£tRk djuk vfuok;Z foÓsÔ g® rFkk ;g Kku çLRkqr djus gsrq xq:¼ dsoy jkXkeà çdkfÓRk ÁOkkTk- foÓsÔ ½ çfr iy Ái ds gh vUrj eu esa fujUrj çfr iy /kMd foÓsÔ jgk g® & fQj ftl tho esa dsoy vius gh ykHk&dY;k.k gsrq Kku çkIr djus dh ykylk vFkok rMi foÓsÔ gh uagh g®…..! r¨ o¨ tho r¨ dsoy eqnkZ Ókjhj d¨ <¨us dk gh O;kikj foÓsÔ dj jgk g® …..!

 

Powered by PARMATMA.



No help is coming dear ! – so, you better start NOW – Help Yourself ? ----- जो हम को परमेसर उचर हैं - ते सभ नरक कुंड मह परिहैं ! ----- कोई भी मदद आने वाली नंही हैं प्यारे - बेहतरी इसी में हैं कि अपनी स्वंय की मदद करना शुरू करो ? ----- जो न भजंते नाराइणा - तिन का मै न करउ दरसना ! ----- काहे रे बन खोजन जाई -सरब निवासी सदा अलेपा तोही संग समाई । पुहप मध जिउ बास बसत है मुकर माह जैसे छाई - तैसे ही हरि बसे निरंतर घट ही खोजह भाई । ----- No help is coming dear ! – so, you better start NOW – Help Yourself ? ----- कहा भयो जो दोऊ लोचन मूंद कै बैठ रहिओ बक ध्यान लगायो । नात फिरयो लिये सात समुद्रन लोक गयो परलोक गवायो । ----- साच कहों सूं लाहो सभाय - जिन प्रेम कीओ तिन ही प्रभ पाइओ । ----- कोई भी मदद आने वाली नंही हैं प्यारे - बेहतरी इसी में हैं कि अपनी स्वंय की मदद करना शुरू करो ? ----- अंत काल नाराइण सिमरै ऐसी चिंता मह जे मरै - बदत तिलोचन ते नर मुकता पीत्मबर वा के रिदै बसै । ----- No help is coming dear ! – so, you better start NOW – Help Yourself ? ----- प्राणी एको नाम धिआवहु - अपनी पत सेती घर जावहु । ----- कहत कबीर सुनहु रे प्रानी - छोडहु मन के भरमा । केवल नाम जपहु रे प्रानी - परहु एक की सरनां । ----- कोई भी मदद आने वाली नंही हैं प्यारे - बेहतरी इसी में हैं कि अपनी स्वंय की मदद करना शुरू करो ? ----- No help is coming dear ! – so, you better start NOW – Help Yourself ? ----- हउमै नावै नाल विरोध है - दुई न वसह इक ठाई । ----- ब्रहमा बिसन महादेउ त्रै गुण रोगी विच हउमै कार कमाई । जिन कीए तिसह न चेतह बपुड़े हरि गुरमुख सोझी पाई । ----- हउमै रोग सभ जगत बिआपिआ तिन कउ जनम मरण दुख भारी । गुरप्रसादी को बिरला छूटै तिस जन कउ बलिहारी । ----- कोई भी मदद आने वाली नंही हैं प्यारे - बेहतरी इसी में हैं कि अपनी स्वंय की मदद करना शुरू करो ? ----- हउमै दीरघ रोग है दारु भी इस माह । किरपा करे जे आपणी ता गुर का सबद कमाह । ----- कहा भूलिओ रे झूठे लोभ लाग - कछु बिगरिओ नाहिन अजहु जाग । ----- रैण गवाई सोइ कै दिवस गवाइआ खाइ । हीरे जैसा जनम है कउडी बदले जाइ । ----- रैन गई मत दिन भी जाइ - भवर गए बग बैठे आइ । ----- मै अंधुले की टेक तेरा नाम खुंदकारा । मै गरीब मै मसकीन तेरा नाम है अधारा । -----